बुरे दोस्त
इस दुनिया में हम दोस्त के साथ अपना पूरा जीवन व्यतीत कर देते है और हमें पता भी नहीं चलता , यदि दोस्त बुराई के रास्ते पर चल रहा हो , ओर हम उसके साथ उसकी ही राह पर चल पड़े तो , हमारा जीवन उसी समय नष्ट हो जाता है , चाहे हम कितने ही भले खानदान से क्यों न हो , इसलिए किसी ने सही कहा है दोस्त के जरिये हम उस कायनात को भी हासिल कर सकते है जो देखने और सुनने में असम्भव हो ।
बुरे दोस्त की पहचान करना कोई बड़ी बात नहीं है , यदि वो आपसे दोस्ती करता है तो कुछ दिनों तक उसके प्रिय मित्र बने बिना ही उसके साथ वक्त बिताये उतने दिनों में उसकी एक बुरी आदत का तो पता लगा ही लोगे , इसीसे आपको उस दोस्त में अच्छाई ओर बुराई का पता चल जाएगा ।
यदि कोई आपका प्रिय मित्र है और वो हमेशा सच्चाई की राह पर चलता - चलता बुराई का हाथ थाम ले तो , वो हाथ छुड़ाने की जिम्मेवारी आपकी होती है , क्योंकि उसने सबसे पहले आपको ही अपना वो हमदर्द समझा जिसके साथ वो हर छोटी बड़ी बातों को सुना सके , और अपने दर्द को कम भी कर सके ।

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