लाभ - हानि
कोई भी मनुष्य अपने जीवन काल में इन दो शब्दों के बिना नहीं जिया होगा , क्योंकि ये दो शब्द मनुष्य के जीवन में बहुत ही जरूरी है , और खासकर ये शब्द हमारे जन्म लेते ही खुद ही हमसे जुड़ जाते है ,
1. लाभ -
मनुष्य के जन्म लेते ही मनुष्य इस शब्द से जुड़ जाता है , जब मनुष्य का जन्म होता है तब से लेकर मरण तक मनुष्य लाभ का भागी बना रहता है , इसलिये जब मनुष्य का जन्म होता है और थोड़ा समझदार होने लगता है , तब वो खेल खेल में लाभ का प्रयोग सुरु कर देता है , बाद में स्कूल में जाने पर ज्यादा पढ़ाई कर सबसे ज्यादा नंबर प्राप्त करने की होड़ में लगा रहता है , फिर आगे जाने पर कॉलेज में भी यहीं समस्या रहती है , इसलिए हर मनुष्य लाभ का भागीदार होता है ।
2 . हानि -
हानि वो शब्द है जो मनुष्य को अपने जीवन में कभी लाना पसंद नहीं करता , परन्तु हानि कभी भी बता कर नहीं आती , हानि काफी प्रकार की होती है परंतु मुख्य दो हानियाँ 1. परिवार 2. व्यवसाय
इन दो हानियों में इंसान का सबसे ज्यादा घाटा होता है , इसलिए मनुष्य लाभ और हानि दोंनो पर टिका रहता है , किसी को लाभ तो किसी को हानि ।

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