संघर्ष
मनुष्य की जीवनी में संघर्ष शब्द बचपन से ही जुड़ जाता है , इसलिए हम जब भी किसी कार्य को करते है तो उसमें कठिनाई होने पर हम यहीं बात कहते है कि , कर्म करो तो फल मिलता है , यदि आप अपने जीवन मे कोई भी कठिन काम नहीं करेंगे तो हमारा जीवन ही व्यर्थ माना जायेगा , क्योंकि मनुष्य को ये शरीर ही अपना पेट पालने के लिए दिया गया है ।
कुछ बड़े लोग जिनके पास खूब पैसा होता है , वो इस बात को समझ नहीं पाएंगे क्योंकि उन्होंने अपने जीवन कुछ ऐसा कस्ट या दुविधा देखी ही नहीं होगी , जिसके कारण उन्हें पता नहीं होता है कि संघर्ष क्या होता है ।
संघर्ष के बारे में जानना हो तो किसी गरीब गांव में चले जाना और उस गांव के एक गरीब घर में जाकर , कुछ पल बिताना तब तुम्हे पता चलेगा कि संघर्ष क्या होता है ,
जब थका हुआ मजदूर घर पर आता है तो उसके घर मे खाने के लिए रोटी नहीं होती , यदि वो एक दिन भी काम पर न जाये ना तो उसके परिवार को उस दिन भूखा ही रहना पड़ता है ।
इसलिए किसी भी गरीब का मजाक मत उड़ाओ जब पता चलेगा कि वो अपने जीवन मे कितने कस्ट ओर पीड़ा सहकर निकला है तब तुम्हें पता चलेगा ।।

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